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भटूरा पडरेही में हैवी ब्लास्टिंग से मकानों में दरार ग्रामीणो में दहशत का माहौल

ओभर लोडिंग बाहनो से प्रधानमंत्री सड़क बर्बाद

 

कटनी

कटनी जिले के कैमोर-मैहर मार्ग स्थित भटूरा पढरेही गांव में संचालित एक खदान को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि खदान में लगातार की जा रही हैवी ब्लास्टिंग से उनके घरों की दीवारों और छतों में दरारें आ गई हैं। साथ ही, निर्धारित क्षमता से अधिक भार वाले वाहनों की आवाजाही के कारण प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत निर्मित सड़क भी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई है।

ग्रामीणों के अनुसार, खदान में होने वाली तेज ब्लास्टिंग से पूरे क्षेत्र में कंपन महसूस होता है। उनका कहना है कि कई मकानों की दीवारों और छतों में दरारें पड़ चुकी हैं, जिससे परिवार भय के माहौल में रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यदि इसी प्रकार ब्लास्टिंग जारी रही तो भविष्य में किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि जिस मार्ग पर 10 टन क्षमता तक के वाहनों के संचालन का प्रावधान है, वहां प्रतिदिन लगभग 50 टन भार वाले भारी वाहन गुजर रहे हैं। इसके चलते सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है और जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं, जिससे आम लोगों का आवागमन कठिन और जोखिमपूर्ण हो गया है।

स्थानीय लोगों का यह भी दावा है कि संबंधित खदान कटनी की देवपद लाइम कंपनी द्वारा संचालित की जा रही है। उनका आरोप है कि खदान को ओपन कास्ट पद्धति से संचालित करने की अनुमति होने के बावजूद भारी पोकलेन मशीनों से बड़े पैमाने पर उत्खनन किया जा रहा है। ग्रामीणों ने पर्यावरणीय मानकों और स्वीकृत शर्तों के उल्लंघन की आशंका भी जताई है।

ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रही ब्लास्टिंग का प्रभाव केवल आबादी तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के वन क्षेत्र और वन्यजीव भी इससे प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए ब्लास्टिंग पर नियंत्रण, ओवरलोड वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई और क्षतिग्रस्त सड़क की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है।

प्रशासन से प्रमुख मांगें

हैवी ब्लास्टिंग की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।

ओवरलोड वाहनों पर प्रभावी रोक लगाई जाए।

प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनी क्षतिग्रस्त सड़क का शीघ्र पुनर्निर्माण कराया जाए।

प्रभावित मकानों का सर्वे कर उचित मुआवजा दिया जाए।

पर्यावरणीय एवं खनन नियमों के पालन की स्वतंत्र जांच कराई जाए।

 

नोट: इस समाचार में खदान संचालन, नियमों के उल्लंघन और नुकसान संबंधी दावे स्थानीय ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित हैं। संबंधित कंपनी एवं प्रशासन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी समाचार में प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा

कटनी ब्यूरो चीफ सुरेन्द्र कुमार शर्मा

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